मुख्य अभियंता पेयजल निगम एस.सी. पंत के खिलाफ इंजीनियरों में आक्रोश, लगाया जल निगम के उच्चाधिकारियों के खिलाफ साजिश करने का आरोप, मुख्यमंत्री से की शिकायत

मुख्य अभियंता पेयजल निगम एस.सी. पंत के खिलाफ इंजीनियरों में आक्रोश, लगाया जल निगम के उच्चाधिकारियों के खिलाफ साजिश करने का आरोप, मुख्यमंत्री से की शिकायत

देहरादून। उत्तराखंड इंजीनियर फ़ेडरेशन ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि वर्तमान में उत्तराखण्ड पेयजल निगम, जल जीवन मिशन एवं नमामि गंगे जैसे फ्लैगशिप कार्यक्रमों में अग्रणी रूप से उत्कृष्ट कार्य कर रहा है तथा आपके मार्ग निर्देशन में विभागीय सचिव (पेयजल) व प्रबन्ध निदेशक के कड़े परिश्रम के कारण निरंतर अपने लक्ष्यों को समयांतर्गत प्राप्त कर रहा है, जिस कारण नमामि गंगे व जल जीवन मिशन कार्यक्रम में विभाग की रैंकिंग पूरे भारतवर्ष में उत्कृष्ट स्थान पर है। परंतु अत्यंत खेद के साथ के आपके संज्ञान में लाना है कि फेडरेशन के घटक विभाग उत्तराखण्ड पेयजल निगम के सदस्यों द्वारा यह संज्ञान में लाया गया है कि विभागीय मुख्य अभियन्ता श्री एस0सी0 पंत अपने निजी स्वार्थ के लिए विभाग के अभियन्ताओं को लगातार विभाग के उच्चाधिकारियों के खिलाफ भड़का रहे हैं एवं मनोयोग कार्य कर रहे फेडरेशन के सदस्यों को दबाव में ले रहे हैं।

इस सम्बन्ध में सदस्यों द्वारा निम्नलिखित मामले संज्ञान में लाए गए हैंः-

1. मा0 उच्च न्यायालय, नैनीताल द्वारा श्री जे0सी0 पाण्डेय व अन्य द्वारा दायर की गई याचिका में जूनियर इंजीनियर संवर्ग के फीडर कैडर की मूल वरिष्ठता के अनुसार सहायक अभियन्ताओं की वरिष्ठता निर्धारित करने का निर्णय दिया गया था। मा0 उच्चतम न्यायालय द्वारा भी उक्त निर्णय को यथावत् रखा गया। जिसके क्रम में फेडरेशन के सदस्यों द्वारा वरिष्ठता क्रम को नियमानुसार संशोधित करने के प्रत्यावेदन दिए गए थे। उक्त प्रत्यावेदनों के कारण श्री एस0सी0 पंत, मुख्य अभियन्ता की व्यक्तिगत वरिष्ठता प्रभावित होती है तथा उक्त निर्णय का अनुपालन किए जाने पर श्री पंत अधिकतम अधीक्षण अभियन्ता के पद पर आज के दिनांक में धारित हो सकते हैं। संघ के सदस्यों द्वारा दिए गए प्रत्यावेदनों के कारण श्री पंत संघ के सदस्यों से व्यक्तिगत द्वेष रख रहे हैं और द्वेषभाव से कार्य कर रहे हैं। इसके प्रमाण भी सदस्यों द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।

2. श्री पंत द्वारा निगम के प्रबन्ध निदेशक, सचिव पेयजल एवं स्वयं बोर्ड के आदेशों के विपरीत जाकर कार्य किए जा रहे हैं। श्री पंत का इस प्रकार का आचरण अनुशासनहीनता व कदाचार की श्रेणी में आता है। उक्त के प्रमाण भी सदस्यों द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।

3. श्री पंत द्वारा विभागीय वरिष्ठ अभियन्ताओं को अज्ञात कारणों से विभागीय कार्यों को रोक देने के निर्देश यत्र-तत्र दिए जाते हैं। यदि स्वतंत्र जांच करायी जाती है तो उक्त सम्बन्ध में फेडरेशन के सदस्य कलमबद्ध बयान देने हेतु भी सहमत है।

4. श्री पंत द्वारा दिनांक 29.01.2023 सायंकाल बिना किसी अधिकारिक नोटिस के विभिन्न अभियन्ताओं को दबाव में लेकर होटल में बुलाया गया। उक्त बैठक की बकायदा उपस्थिति भी श्री पंत द्वारा ली गई। उक्त बैठक में उपस्थित अभियन्ताओं को विभागीय उच्चाधिकारियों व विभिन्न संगठनों के विभिन्न पदाधिकारियों के खिलाफ भड़काया गया। श्री पंत द्वारा अपने पद की मर्यादा न रखते हुए सदस्यों को उनकी इच्छा के विरुद्ध आंदोलन के लिए उकसाया जा रहा है। उक्त के साक्ष्य भी सदस्यों द्वारा उपलब्ध कराए गए हैं।

महोदय, इस प्रकार श्री पंत के उपरोक्त गतिविधियों के कारण विभाग के अभियन्ता अत्यंत हतोत्साहित एवं दबाव में है। अतः आपसे अनुरोध है कि कृपया उपरोक्त तथ्यों का संज्ञान लेते हुए श्री एस0सी0 पंत, मुख्य अभियन्ता के उपर लग रहे आरोपों की जांच शासन स्तर से कराई जाए। इस संबंध में निगम के सूत्रों द्वारा ज्ञात हुआ है कि दिनांक 29.01.2023 को मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र पंत द्वारा द्वारा होटल एमराल्ड ग्रैंड देहरादून में एक रात्रि पार्टी दी गई और विभाग के जेई से लेकर मुख्य अभियंता तक को बुलाया गया, बैठक में वर्तमान प्रबंध निदेशक और सचिव के खिलाफ आंदोलन करने का माहौल तैयार किया गया, जिसकी सूचना विभागीय पदाधिकारियों को भी नहीं दी गई। उक्त मीटिंग की वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद पेयजल निगम के मान्यता प्राप्त संगठनों में मुख्य अभियंता सुरेश चंद्र पंत के खिलाफ उबाल है और उनके द्वारा मुख्यमंत्री से श्री सुरेश चंद पंत पर कड़ी कार्यवाही करने की मांग की गई है। विभागीय मान्यता प्राप्त संगठनो के पदाधिकारियों द्वारा श्री पंत पर जातिवाद व क्षेत्रवाद के आरोप लगाए जा रहे हैं। उत्तराखंड पेयजल निगम अधिकारी कर्मचारी संयुक्त समिति समन्वय समिति द्वारा भी शीघ्र इस विषय में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी से मिलकर विरोध दर्ज करने व श्री पंत पर कार्यवाही करने की मांग की जा रही है।

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