उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद के थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव रतीभानपुर में आयोजित भोले बाबा के सत्संग में अचानक भगदड़ मच गई। भगदड़ में अब तक 121 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में कई महिलाएं और बच्चें भी शामिल हैं। एटा सिकंदराराऊ के बॉर्डर पर घटनास्थल है। सीएम योगी आदित्यनाथ हाथरस में घायलों से मिलेंगे।
मौके से फोरेंसिक यूनिट को नहीं मिल रहे साक्ष्य
हाथरस दुर्घटना स्थल की जांच कर रहे फोरेंसिक यूनिट के एक सदस्य ने कहा, यहां से इकट्ठा करने के लिए कोई विशेष चीजें नहीं हैं, यह केवल भक्तों का सामान है जैसे जूते और बैठने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली चादरें बस मिली हैं।
आश्रम से निकलीं गाड़ियों पर क्या बोले डिप्टी एसपी मैनपुरी
हाथरस में हुई भगदड़ घटना पर डिप्टी एसपी सुनील कुमार ने कहा, आश्रम (राम कुटीर चैरिटेबल ट्रस्ट) में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। हमने किसी को नहीं रोका है…हम यहां पर इसलिए हैं ताकि किसी के साथ भी कोई हादसा न हो।
सीएम के आने से पहले सुरक्षाकर्मियों ने संभाली कमान
हाथरस में भगदड़ से 121 मौतों के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ हाथरस आ रहे हैं। वे अस्पताल में घायलों से मिलेंगे। डीजीपी वहां पहुंच रहे हैं। सुरक्षाकर्मियों ने कमान संभाल ली है।
भीड़ को लेकर खुफिया तंत्र ने किया था अलर्ट
पुलिस के खुफिया तंत्र ने अपनी रिपोर्ट में सत्संग में सवा लाख से अधिक भीड़ जुटने की जानकारी दी थी। यहां पर एलआईयू ने अप्रिय घटना होने की आंशका भी व्यक्त की थी, लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारों ने गंभीरता से नहीं लिया और इसका परिणाम सामने आ गया। अगर समय रहते अधिकारी खुफिया तंत्र की रिपोर्ट पर ध्यान देते तो इतना बड़ा हादसा नहीं होता।
सत्संग में आगरा से गए थे 15 हजार अनुयायी
सिकंदराराऊ में भोले बाबा के सत्संग में आगरा से करीब 15 हजार अनुयायी गए थे। इसमें दस हजार के करीब महिलाएं हैं। यह अनुयायी दयालबाग, ताजगंज, कुबेरपुर, एत्मादपुर, टेढ़ी बगिया, लालगढ़ी सहित चार दर्जन क्षेत्रों के हैं। अनुयायी बसों और निजी वाहनों से गए। सत्संग खत्म होने के बाद भोले बाबा के पैर छूने के लिए महिलाएं दौड़ीं। हर कोई चाहता था कि साकार विश्व हरि के पैर पकड़ लें या फिर उनके चरणों की धूल मिल जाए। इस बीच बिजली का तार टूटने की अफवाह फैल गई।
बाबा के अनुयायी रातभर आश्रम के गेट के बाहर डटे रहे
मैनपुरी। बाबा के अनुयायी रातभर आश्रम के गेट के बाहर डटे रहे और सुरक्षा में पुलिस भी तैनात रही। इसके बाद सुबह साढ़े सात बजे आश्रम से गाड़ियों का एक काफिला बाहर निकला। काफिले में छह गाड़ियां शामिल थीं। चर्चा है कि भोले बाबा इन्हीं में किसी एक गाड़ी में सवार थे और आश्रम में मौजूद होने की बात उजागर होने के बाद यहां से निकल गए हैं। हालांकि नाम न छापने की शर्त पर कुछ अनुयायी अब भी बाबा के आश्रम के अंदर ही होने की बात भी कह रहे हैं।
सत्संग हादसे में मुख्य सेवादार समेत अन्य आयोजकों पर मुकदमा
सिकंदराराऊ सत्संग में भगदड़ के मामले में पुलिस ने मुख्य सेवादार समेत अन्य आयोजकों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपितों की तलाश कर रही है। भगदड़ में अब तक 121 लोगों की मौत हो चुकी है।
मैनपुरी के आश्रम से निकला गाड़ियों का काफिला, ‘भोले बाबा’ के जाने के चर्चाएं
हाथरस के सिकंदराराऊ में हुए भीषण हादसे के बाद बिछवां के आश्रम में पहुंचे साकार विश्व हरि भोले बाबा मंगलवार रात को नहीं निकले थे। मंगलवार मध्यरात्रि आश्रम के अंदर गई पुलिस ने बाहर निकलकर यही दावा किया था। परंतु अनुयायी बाबा के अंदर ही होने की बात कह रहे थे। इसके बाद बुधवार सुबह आश्रम से गाड़ियों का काफिला बाहर निकला। जिसमें भोले बाबा के बाहर जाने के कयास लग रहे हैं। हालांकि कुछ अनुयायी अब भी बाबा के आश्रम के अंदर होने की बात भी कह रहे हैं।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद हाथरस पहुंचे, घटना पर जताया दुख
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हाथरस भगदड़ की घटना पर दुख व्यक्त किया है। वे रात को हाथरस पहुंचे और यहां घायल और पीड़ितों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इतना दुखद हादसा उन्होंने जीवन में पहलीबार देखा है। कांग्रेस के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मदद के लिए जुटे हुए हैं। बताया कि हाथरस जिला अस्पताल में 32 शव पोस्टमार्टम के लिए आए हैं व 9 घायल इलाज के लिए भर्ती हैं जिनमें एक सिपाही भी शामिल हैं, अभी उनकी हालत स्थिर हैं।
सत्संग के बाद भगदड़ में मृतकों की संख्या और बढ़ी, मुकदमा भी हुआ दर्ज
सिकंदराराऊ में नारायण साकार विश्व हरि के सत्संग के बाद भगदड़ में मृतकों की संख्या बढ़कर 121 हो गई है। आज सीएम योगी हाथरस पहुंचेंगे। सत्संग के मुख्य मुख्य आयोजक मुख्य सेवादार कहे जाने वाले देवप्रकाश मधुकर सहित अन्य के खिलाफ सिकंदराराऊ कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। सत्संग को लेकर गए बोर्ड में 26 आयोजनकर्ताओं के नाम लिखे गए।
हाथरस भगदड़ से हुई मौतों के बाद अपनों को तलाश रहे लोग
कासगंज के मोहनपुरा के पास अफजलपुर के रहने राकेश की बहन का कोई पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने बताया उनकी शादी 25 साल पहले अलीगढ़ के हरवेजी देवी लोधी नगला अतरौली में हुई थी। मंगलवार को उनकी बहन आपके कुछ जानने वालों के साथ सत्संग सुनने गई थी। तबसे उनकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। भाई राकेश सभी जिलों में भेजे गए शव को देख बहन को खोजने का प्रयास कर रहा है। रात नौ बजे से एटा, सिकंदराराऊ, हाथरस, अलीगढ़ के पोस्टमार्टम हाउस के चक्कर लगाने के बाद अब आगरा पहुंचे हैं। पति कांति प्रसाद भी परेशान हैं।
सीएम योगी के हाथरस आने का कार्यक्रम जारी, अस्पताल में भारी पुलिसफोर्स तैनात
भगदड़ से मौतों के बाद घायलों का हाल−चाल जानने के लिए सीएम योगी आज हाथरस आएंगे। उनका कार्यक्रम जारी हो चुका है। सीएम योगी का राजकीय विमान पहले आगरा में उतरेगा। उसके बाद वे हेलीकॉप्टर से हाथरस पहुंचेंगे। हाथरस जिला अस्पताल में पुलिसबल की तैनाती है और बेरिकेडिंग लगा दिए गए हैं।
भगदड़ की घटना पर एफआईआर दर्ज, इनके खिलाफ केस
यूपी के हाथरस जिले में भगदड़ की घटना पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 105, 110, 126(2), 223 और 238 के तहत मुख्य सेवादार कहे जाने वाले देवप्रकाश मधुकर और उस धार्मिक कार्यक्रम के अन्य आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
बीजेपी विधायक अरुण असीम ने कहा, डीजी जोन आगरा की अध्यक्षता में कमेटी गठित
सत्संग में 116 मौतों के बाद डीजी जोन आगरा की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। बीजेपी विधायक और यूपी सरकार के मंत्री असीम अरुण ने ये जानकारी दी।
गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम सिकंदराराऊ पहुंची
संवाद सूत्र, जागरण. हाथरस। सिकंदराराऊ में भोले बाबा सत्संग में भगदड़ के दौरान श्रद्धालुओं की मृत्यु के बाद केंद्र सरकार द्वारा गाजियाबाद से एनडीआरएफ की टीम को भेजा गया। मौके पर पहुंचकर एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू आपरेशन जारी किया। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम जिला अस्पताल पहुंच गई है। एनडीआरएफ के अधिकारी जिले के अधिकारियों से बातचीत व अन्य घटना के बारे में छानबीन कर रहे हैं। एनडीआरएफ के 48 लोग सिकंदराराऊ में मौजूद हैं।
ट्रॉमा सेंटर सिकंदराऊ पर लाशों का ढेर
हाथरस के ट्रॉमा सेंटर सिकंदराऊ पर लाशों का ढेर लगा है। सिर्फ एक डॉक्टर मौजूद है। सत्संग स्थल से जो यहां आ रहा है, उसे रेफर कर दिया जा रहा है। लोग कह रहे हैं कि 100 से ज्यादा मर चुके हैं।
हाथरस भगदड़ मामले की जांच को बनी कमेटी
हाथरस। मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह के अनुसार, हाथरस में सत्संग कार्यक्रम में 80 हजार लोगों की अनुमति थी लेकिन, भीड़ अधिक शामिल हुई। मुख्यमंत्री की ओर से एडीजी व कमिश्वर के नेतृत्व में जांच कमेटी गठित की है, जो 24 घंटे में रिपोर्ट देगी। मामले में आयोजकों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दिए गए हैं। बाबा पर भी कार्रवाई होगी। शवों के पोस्टमार्टम के बाद उन्हें घर तक पहुंचाने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। घायलों का भी समुचित इलाज कराया जाएगा। मरने वाले 116 लोगों में सात बच्चे हैं।
आयोजकों के खिलाफ होगी FIR, सत्संग में पहुंचे थे अनुमति से अधिक लोग
हाथरस भगदड़ घटना पर अलीगढ़ के IG शलभ माथुर ने बताया कि FIR दर्ज हो रही है। आयोजकों के खिलाफ एफआइआर होगी। प्रथम दृष्टया सामने आ रहा है कि जितने लोगों के लिए अनुमति मांगी थी उससे ज्यादा लोग आए हैं।
मृतकों में 99 प्रतिशत वंचित तबके से थे- पूर्णिया सांसद
हाथरस। हाथरस भगदड़ की घटना पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि 100 से ऊपर लोग मृत हैं जिसमें से 99 प्रतिशत दलित हैं। इसकी जिम्मेदार उत्तर प्रदेश सरकार भी है और केंद्र सरकार भी है। निंदा प्रस्ताव के लिए इनके पास समय था लेकिन 100 से अधिक लोगों की मृत्यु हो गई उसके मौन के लिए इनके पास समय नहीं था। सरकार को देश से माफी मांगनी चाहिए और साथ-साथ इन सभी मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
सकुशल लौटे मैनपुरी के पांच गांव से गए श्रद्धालु
आगरा लाए जा रहे हैं 30 शव
Hathras Satsang Stampede: आगरा में 30 शव लाए जा रहे हैं। शव वाहन भेजे गए हैं। यहां डाक्टरों की तीन टीमें तैयार हैं। पंचनामा के लिए 50 पुलिसकर्मी लगा दिए गए हैं। दो एसीपी निगरानी करेंगे।
कल हाथरस पहुंचेंगे सीएम योगी
हाथरस। कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और पूर्व मंत्री अवधपाल सिंह घटना स्थल पर पहुंचे। थोड़ी देर में मुख्य सचिव व डीजीपी पहुंचेंगे। कल सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आएंगे। घायलों का इलाज कराएगी सरकार।
हाथरस हादसे पर अमित शाह ने जताया शोक, घायलों के जल्दी स्वस्थ होने की कामना
हाथरस हादसे पर अमित शाह ने भी शोक व्यक्त करते हुए पोस्ट किया है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए दुःखद हादसे से मन अत्यंत व्यथित है। इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। ईश्वर उन्हें यह कष्ट सहने की शक्ति दें। स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
हाथरस हादसे पर राष्ट्रपति मुर्मु ने जताया शोक
हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में हुई दुर्घटना पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शोक जताया है। उन्होंने कहा कि हाथरस में हुए हादसे में महिलाओं और बच्चों सहित अनेक श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार हृदय विदारक है। मैं अपने परिवारजनों को खोने वाले लोगों के प्रति गहन शोक संवेदना व्यक्त करती हूं तथा घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
पोस्टमार्टम हाउस पर मृत लोगों के शव व भीड़ को देख सिपाही की मौत
हाथरस। भोले बाबा सत्संग हादसे में पोस्टमार्टम गृह पर मृत लोगों के शव और भीड़ देख सिपाही की हालत बिगड़ने से मौत हो गई। सिपाही रवि कुमार सिद्धार्थ नगर आईटीआई रोड थाना बन्ना देवी अलीगढ़ के रहने वाले थे। उनकी एटा में क्यूआरटी पर तैनाती थी। सिपाही की मौत से परिवार में कोहराम मच गया।
पांच बार अलीगढ़ में सत्संग कर चुके हैं साकार बाबा
हाथरस। साकार बाबा का सत्संग अलीगढ़ में भी चार से पांच बार हो चुके हैं। तालानगरी स्थित खाली प्लाट में बाबा सत्संग में इतनी भीड़ हो जाती है कि पैर रखने को जगह नहीं होती है। कई दिन पहले उनके भक्त यहां पर आकर मैदान की सफाई शुरू कर देते हैं। बाबा की सेवा बताकर दिन रात महिला और पुरुष भक्त आयोजन में जुट जाते हैं। प्रवचन स्थल तक बाबा के लिए अलग से एक रास्ता भी बनाया जाता था। इस मार्ग पर बाबा का काफिला ही निकलता था। इसके अलावा किसी को जाने की अनुमति नहीं थी। उनका कार्यक्रम जब समाप्त हो जाता तब रामघाट रोड ताला नगरी से लेकर क्वार्सी चौराहे तक जाम लग जाता था।
हाथरस की दुर्घटना पर मुख्यमंत्री ने जताया दुःख, कहा- होगी गहन जांच
मुख्यमंत्री योगी खुद हाथरस में हुए हादसे की घटनाक्रम पर सीधी नजर बनाए रखे हैं। साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख तथा घायलों को 50-50 हजार की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा दो मंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी को मुख्यमंत्री ने मौके पर भेजा। साथ ही एडीजी, आगरा और कमिश्नर, अलीगढ़ के नेतृत्व में टीम गठित कर दुर्घटना के कारणों की जांच के निर्देश हैं। सीएम योगी ने कहा कि कार्यक्रम आयोजकों के खिलाफ एफआईआर होगी। इसके लिए शासन बड़ी कार्रवाई की तैयारी में है।
हाथरस जिले में हुए हादसे के पीछे की वजह
उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ में 10 से अधिक लोगोंं की मौत हो गई है। वहीं अब सामने आई हाथरस में भगदड़ की असल वजह भी सामने आ गई है।
हाथरस हादसे के पीछे व्यवस्थापकों की गलती
Hathras Accident Update: जिनके सत्संग में हुआ हादसा, पहले हो चुके हैं कई बड़े कार्यक्रम
Hathras Accident Update: हाथरस के सिकंदराराऊ में भोले बाबा के सत्संग में बड़ा हादसा हुआ है। आगरा में भी बाबा के बड़े सत्संग हो चुके हैं। आठ वर्ष पहले कोठी मीना बाजार में हुए सत्संग में बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंचे थे। भीड़ इतनी थी कि मैदान में खड़े होने तक को जगह नहीं बची थी।बाबा के दर्शन को अनुयायी पेड़ों पर बैठ गए थे।
कौन है ये बाबा, जिसके सत्संग के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा? बाबा के बारे में पूरी जानकारी पढ़ें यहां...
Hathras Satsang Stampede: एटा के सीएमओ ने की 27 मौतों की पुष्टि
हाथरस। Hathras Satsang Stampede Update: हाथरस हादसे में 90 से अधिक लोगों की भगदड़ के चलते मौत हो गई है। हालांकि एटा के सीएमओ उमेश कुमार ने हादसे में 27 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जिनमें 25 महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में हुए हादसे पर संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
मुख्यमंत्री योगी ने हाथरस हादसे की ली जानकारी, अधिकारियों को समुचित इलाज के दिए निर्देश
Hathras Satsang Stampede Update: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस में हुए हादसे का संज्ञान लिया। सीएम योगी ने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है साथ ही घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर जिला प्रशासन के अधिकारियों को उनके समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
Hathras Satsang Stampede: हाथरस में 90 से अधिक की मौत
हाथरस। हाथरस में सत्संग के दौरान हुई भगदड़ में 90 से अधिक लोगों की मौत की खबर आ रही है। वहीं महिलाओं और बच्चों समेत कई लोग घायल हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
