केदारनाथ धाम में बर्फबारी और खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम के आनलाइन और भौतिक पंजीकरण पर रोक

केदारनाथ धाम में बर्फबारी और खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम के आनलाइन और भौतिक पंजीकरण पर रोक

 केदारनाथ धाम में बर्फबारी और खराब मौसम को देखते हुए केदारनाथ धाम के आनलाइन और भौतिक पंजीकरण रोके जाने की तिथि 30 अप्रैल से बढ़ाकर तीन मई कर दी गई है। बता दें कि बीते रविवार की सुबह से केदारनाथ धाम के लिए तीर्थ यात्रियों का पंजीकरण 30 अप्रैल तक तक रोक दिया गया था।

अगले कुछ और दिन के लिए धामों पर मौसम का अलर्ट

मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ और दिन के लिए धामों पर मौसम का अलर्ट जारी किया गया है। जिसको देखते हुए पंजीकरण रोके जाने की अवधि बढ़ा दी गई है।

अपर आयुक्त प्रशासन गढ़वाल व अपर मुख्य कार्य अधिकारी चार धाम यात्रा प्रशासन संगठन नरेंद्र सिंह क्वीरियाल ने बताया कि केदारनाथ धाम में बर्फबारी और खराब मौसम के कारण बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इस बात को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद की ओर से सिर्फ केदारनाथ धाम का पंजीकरण पंजीकरण तीन मई तक रोका का गया है। इस दौरान आनलाइन और भौतिक पंजीकरण नहीं होंगे।

केदारनाथ में पल-पल बदल रहा मौसम

वहीं बीते 16 मार्च से केदारनाथ में पल-पल मौसम बदल रहा है और बर्फबारी हो रही है। जिसे लेकर शासन प्रशासन ने श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने की सलाह दी है। कहा गया है कि मौसम को देखते हुए ही यात्री यात्रा का आने का कार्यक्रम बनाएं।

बदरीनाथ में टोकन सिस्टम लागू नहीं, घटों कतार में खड़े तीर्थयात्री

श्री बदरीनाथ धाम में यात्रियों की भीड़ है। धाम में प्रशासन द्वारा टोकन सिस्टम अभी लागू नहीं किया गया है। जिससे यात्रियों को दिनभर घंटों कतार में रहना पड़ रहा है। हालांकि पर्यटन विभाग जल्द ही टोकन सिस्टम लागू करने की बात कह रहा है।

बदरीनाथ धाम में प्रशासन ने क्यू आर कोड टोकन सिस्टम से दर्शनों की व्यवस्था का दावा किया था। जिसके तहत यात्रियों को दर्शनों का समय दिया जाना था। ताकि यात्री अनावश्यक लाइन में न लगे , लेकिन इसके लिए बन रहे काउंटर का कार्य अभी पूरा नहीं हुआ है।

पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने कहा कि इसका ट्रायल शुरू कर दिया गया है। बदरीनाथ धाम में अभी भी दर्शनों के लिए दो किमी लंबी लाइन लग रही है। हालांकि वीआइपी के लिए टोकन सिस्टम लागू कर दिया गया है। जिसके तहत तीन सौ रुपये की रसीद काटकर मंदिर समिति के कर्मचारी रसीद के आधार पर वीआइपी दर्शन करा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *