दोनों ओवरग्राउंड वर्कर
पुलिस ने शुक्रवार को दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में लश्कर-ए-तैयबा के दो ओवरग्राउंड वर्करों को गिरफ्तार कर टारगेट किलिंग की एक वारदात को टाल दिया। उनके पास से दो पिस्तौल व अन्य साजो सामान भी बरामद किया गया है।
रात को पुलिस, सेना और सीआरपीएफ के जवानों ने जिला कुलगाम में श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कोयमू में एक नाका लगाया था। नाका पार्टी ने वहां से गुजरने वाले लोगों की जांच पड़ताल शुरू कर दी।
इस दौरान नाका पार्टी ने दो युवकों को नाका देखकर रास्ता बदलते देखा। नाका पार्टी ने तुरंत उनका पीछा किया और उन्हें पकड़ लिया। उनके पास से दो पिस्तौल, दो मैगजीन, 26 कारतूस व अन्य साजो सामान मिला है। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि यह दोनों लश्कर के ओवरग्राउंड वर्कर हैं। इन्हें कुलगाम में टारगेट किलिंग का जिम्मा मिला था। दोनों को समय रहते पकड़ लिया गया, जिससे एक आतंकी षड्यंत्र विफल हो गया है।
मुठभेड़ में ओवरग्राउंड वर्कर ढेर
उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में शुक्रवार को मुठभेड़ में आतंकियों का एक ओवरग्राउंड वर्कर मारा गया। इस दौरान दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। मुठभेड़ के दौरान घेराबंदी तोड़ कर भागे आतंकियों को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चला रखा है। मारा गया ओवरग्राउंड वर्कर अल्ताफ लाली 12 वर्ष से जेल में बंद हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकी तालिब लाली का भाई है
अब तक छह घर तबाह
वहीं, सेना आतंकियों की तलाश के लिए कश्मीर का चप्पा-चप्पा खंगाल रही है। इसी कड़ी में सेना ने शुक्रवार से अब तक आतंकियों के छह मकानों को तबाह किया है।
इससे पहले शुक्रवार रात को पुलवामा जिले में दो आतंकियों के के मकान गिराए गए थे। ये दोनों आतंकी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं। पुलवामा के मुरन में लश्कर आतंकी अहसान अहमद शेख का मकान गिराया गया। अहसान शेख भी कुछ वर्ष पहले वीजा लेकर पाकिस्तान गया था और फिर वहां जाकर लश्कर-ए-तैयबा का हिस्सा बन गया था। बैसरन पहलगाम में हमले में जिन दो स्थानीय आतंकियों के नाम सामने आए हैं, उनमे एक अहसान अहमद शेख ही है।
दूसरा मकान काचीपोरा में गिराया गया है। यह मकान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी हारिस नजीर पुत्र नजीर अहमद का है। हारिस 24 जून 2023 को आतंकी बना था और वह जम्मू कश्मीर द्वारा सूचीबद्ध आतंकियों की सी श्रेणी में है।
इससे पहले शुक्रवार सुबह को आतंकियों के दो मकानों पर कार्रवाई की गई थी। यह सुरक्षाबलों की पहली कार्रवाई थी। इसमें सेना के जवानों ने पहलगाम हमले में शामिल दो स्थानीय आतंकियों आदिल ठोकर उर्फ आदिल गुरी और आसिफ शेख के मकान को तबाह किया था।
