दिल्ली पुलिस के सूत्रों के हवाले से एक बड़ी खबर आ रही है जो पहलवानों के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। अगर ऐसा ही रहा तो बृजभूषण के खिलाफ चार्जशीट नहीं दायर होगी बल्कि फाइनल रिपोर्ट दायर की जाएगी।
इन खबरों के बीच दिल्ली पुलिस का बयान भी सामने आया है जिसमें उनका कहना है कि बृजभूषण मामले में अभी जांच चल रही है और जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती तब तक कोई फाइनल रिपोर्ट दायर नहीं होगी।
नहीं मिला कोई ठोस सबूत
बुधवार को दिल्ली पुलिस के सूत्रों की ओर से आ रही खबरों के अनुसार अभी तक पुलिस को कुश्ती संघ के निवर्तमान अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जिसके आरोप पहलवानों ने लगाए हैं।
15 दिन में दायर कर सकते हैं फाइनल रिपोर्ट
पुलिस के उच्चस्तरीय सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस इस मामले में 15 दिनों के अंदर अपनी फाइनल रिपोर्ट कोर्ट में दायर कर देगी। यह चार्जशीट के रूप में या फाइनल रिपोर्ट के रूप में भी हो सकता है। हालांकि चार्जशीट फाइल करने की संभावना कम है क्योंकि अपराध साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं।
दिल्ली पुलिस का सामने आया पक्ष
पुलिस ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा है कुछ मीडिया चैनल महिला पहलवानों द्वारा दर्ज मुकद्दमे में पुलिस द्वारा फाइनल रिपोर्ट दाखिल किए जाने की खबर प्रसारित कर रहे हैं। यह खबर पूरी तरह गलत है। यह केस अभी विवेचन में है और पूरी तफ्तीश के बाद ही उचित रिपोर्ट न्यायालय में रखी जाएगी।
क्या बोले ओवैसी?
इस मामले में अब एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि दिल्ली पुलिस ने कह दिया कि उनके पास सबूत नहीं…जब CAA का विरोध हो रहा था, जब शाहीन बाग हो रहा था तब सब लोग बैठकर तमाशा देख रहे थे। जब किसानों का आंदोलन हो रहा था तब सब लोग बैठकर तमाशा देख रहे थे। अब देखिए क्या हो रहा है। पहलवानों के मामले पर अब दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार को ही बताना होगा।
