अमेरिकी होमलैंड सुरक्षा विभाग ने वॉशिंगटन डीसी स्थित जॉर्जटाउन विश्वविद्यालय के पोस्टडॉक्टरल फेलो बदर खान सूरी को सोमवार रात हिरासत में लिया। उन पर “हमास के दुष्प्रचार को बढ़ावा देने” के आरोप लगे हैं। अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने सूरी के निर्वासन पर फिलहाल रोक लगा दी है।
आव्रजन नीति पर क्या बोला विदेश मंत्रालय?
रणधीर जायसवाल ने कहा कि जब वीजा और आव्रजन नीति की बात आती है, तो यह संबंधित देश की नीति के अनुसार तय होता है। हम उम्मीद करते हैं कि जब विदेशी नागरिक भारत आते हैं, तो वे हमारे कानूनों का पालन करते हैं। इसी तरह, जब भारतीय नागरिक विदेश में होते हैं, तो उनसे भी यह अपेक्षा की जाती है कि वे वहां के स्थानीय नियमों और कानूनों का पालन करें।”
भारत डिपोर्ट किया जा सकता है सूरी
जानकारी के मुताबिक, सूरी को अमेरिका से डिपोर्ट किया जाएगा। बदर खान सूरी की पत्नी फलस्तीनी मूल की है।सूरी जामिया मिल्लिया यूनिवर्सिटी का छात्र भी रह चुका है।
एक संदिग्ध आतंकी के साथ सूरी का था कनेक्शन
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि सूरी का एक संदिग्ध आतंकी से घनिष्ठ संबंध है, जो हमास का वरिष्ठ सलाहकार है। सूरी सक्रिय रूप से हमास का दुष्प्रचार करता है और इंटरनेट मीडिया पर यहूदी विरोधी भावना को बढ़ाता है। ये गतिविधियां निर्वासन योग्य हैं।
