नई दिल्ली। एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस ने दावा किया है कि उनकी हत्या में मुख्य तौर पर 6 लोग शामिल थे। वहीं, इस हत्या से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। चारों आरोपियों से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है। इस हत्या को लेकर पुलिस ने एक बड़ा दावा किया है।
ग्लॉक पिस्टल से शूटर ने चलाई थी गोली
- पुलिस के मुताबिक, शूटर गुरमैल सिंह और धर्मराज कश्यप ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर शूटिंग सीखी थी। उन्हें बाबा सिद्दीकी की तस्वीर भी दी गई और बताया गया कि यही निशाना है।
- ये लोग मुंबई में बिना मैगजीन के शूटिंग प्रैक्टिस करते थे। वही, जानकारी के मुताबिक, बाबा सिद्दीकी को मारने के लिए ग्लॉक (Glock) पिस्तौल का इस्तेमाल किया गया।
- मुंबई पुलिस ने आगे खुलासा किया कि बाबा सिद्दीकी की हत्या की साजिश लगभग तीन महीने पहले शुरू हुई थी और आरोपी कई बार बिना हथियारों के उनके घर गए थे।
- मुंबई क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के अनुसार, बाबा सिद्दीकी की हत्या की पूरी प्लानिंग पुणे में की गई थी। मुंबई क्राइम ब्रांच ने अब तक 15 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें घटना के समय मौजूद कई चश्मदीद गवाह भी शामिल हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चैटिंग करते थे आरोपी
पुलिस ने बताया कि चौथा आरोपी हरीश बिचौलिए का काम करता था, गिरफ्तार आरोपी प्रवीण और शुभम लोणकर (फरार आरोपी) ने गिरफ्तार शूटर गुरमेल सिंह और धर्मराज कश्यप को 2 लाख रुपये दिए थे और यह पैसा चौथे आरोपी हरीश के जरिए पहुंचाया गया था।
शूटर शिवा अभी भी फरार
हरीश बालकराम निशाद को पुलिस ने 15 अक्तूबर को बहराइच से गिरफ्तार किया था। इससे पहले पुलिस ने गुरमैल बलजीत सिंह, प्रवीण लोनकर, धर्मराज राजेश कश्यप को गिफ्तार किया है।
बता दें कि बाबा सिद्दीकी पर गोली चलाने वाला शिवकुमार गौतम उर्फ शिवा अभी भी फरार है। शिवा, उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के गंदारा गांव का रहने वाला है।
बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में चौथे आरोपी मोहम्मद जीशान अख्तर की पहचान कर ली गई है। जानकारी के अनुसार आरोपी पंजाब के नकोदर के शकर गांव का रहने वाला है। बाबा सिद्दीकी की हत्या कि जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली है।
