अब निजी वाहनों को नहीं देना होगा टोल टैक्स, जानें क्या है नया कानून

अब निजी वाहनों को नहीं देना होगा टोल टैक्स, जानें क्या है नया कानून

देहरादून:प्रदेश में अब अन्य राज्यों से आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस लिया जाएगा। यह सेस व्यावसायिक और निजी, दोनों ही प्रकार के वाहनों से लिया जाएगा। राज्य में इसके लिए तैयारी शुरू हो गई है। यह सेस 30 रुपये से लेकर 60 रुपये प्रति वाहन प्रस्तावित किया गया है।

केवल दोपहिया वाहन और ट्रैक्टर को इससे छूट रहेगी। इस सेस का इस्तेमाल सड़क सुरक्षा के कार्यों के लिए किया जाएगा। परिवहन विभाग चारधाम यात्रा मार्ग पर बस चालक व परिचालकों के ठहरने की व्यवस्था भी कर रहा है। यात्रा को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विभाग 350 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करेगा।

एंट्री टैक्स के स्थान पर ग्रीन सेस लगाने की तैयारी

परिवहन मंत्री चंदन राम दास ने विधानसभा स्थित कार्यालय में परिवहन विभाग व परिवहन निगम की समीक्षा की। समीक्षा बैठक की जानकारी देते हुए परिवहन मंत्री ने बताया कि प्रदेश में कर ढांचे का सरलीकरण करने के लिए एंट्री टैक्स के स्थान पर ग्रीन सेस लगाने की तैयारी है। विभाग ने क्योंकि अब चेकपोस्ट समाप्त कर दी हैं, इसलिए सेस आनलाइन लिया जाएगा। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।

राज्य में प्रतिदिन अथवा अधिकांश आने वाले के लिए त्रैमासिक व वार्षिक शुल्क देने का भी प्रविधान रखा जाएगा, जिसमें कुछ छूट की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के मद्देनजर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए गए हैं। बैठक में सचिव परिवहन अरविंद सिंह ह्यांकी, प्रबंध निदेशक परिवहन निगम रोहित मीणा, महाप्रबंधक दीपक जैन और संयुक्त आयुक्त एसके सिंह समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

यात्रा के लिए 350 अतिरिक्त बसें

परिवहन मंत्री ने बताया कि चारधाम यात्रा के लिए परिवहन विभाग संयुक्त यात्रा रोटेशन समिति के अलावा 350 अतिरिक्त वाहनों की व्यवस्था कर रहा है। उन्होंने बताया कि परिवहन निगम यात्रा मार्ग पर 100 बसों का संचालन करेगा। निगम के चालक व परिचालकों के लिए यात्रा मार्ग के विभिन्न ठहराव स्थलों पर रुकने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए चालक कल्याण योजना का ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है।

दुर्घटना रोकने को बनाई जाएगी नई नीति

परिवहन मंत्री ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क दुर्घटना रोकने के लिए नई नीति बनाई जा रही है। इसके साथ ही गति सीमा के निर्धारण का जिम्मा आरटीए को सौंपा गया है। पर्वतीय मार्गों पर क्रैश बैरियर लगाने की प्रक्रिया गतिमान है और ब्लैक स्पाट भी दुरुस्त किए जा रहे हैं।

बसों के किराये में हो सकती है कमी

परिवहन मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सहयोग से एक योजना शुरू की जा रही है। इसमें शहरी क्षेत्र में चलने वाले वाहनों के टैक्स में कमी होनी है। इसमें परिवहन निगम को भी अनुदान मिलना है। अभी परिवहन निगम पर 400 रुपये प्रति सीट टैक्स पड़ता है। अनुदान मिलने की स्थिति में किराया भी कम किया जा सकता है।

पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल फिटनेस लेन

परिवहन मंत्री ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में मोबाइल वैन से वाहनों की जांच का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है, जिसे जल्द अनुमति मिलने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने टनकपुर बस स्टेशन के लिए 33 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए हैं। यहां यात्रियों को लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

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