राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विदेशी मेहमानों का किया स्वागत, जी20 की थीम को बताया वैश्विक विकास का खाका

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विदेशी मेहमानों का किया स्वागत, जी20 की थीम को बताया वैश्विक विकास का खाका

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को कहा कि भारत की जी20 अध्यक्षता की थीम ‘वसुधैव कुटुंबकम-एक पृथ्वी, एक कुटुंब, एक भविष्य’ टिकाऊ, समावेशी और मानव केंद्रित विकास का वैश्विक खाका है. जी20 शिखर सम्मेलन प्रगति मैदान में नवनिर्मित अंतराष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं सम्मेलन केंद्र ‘भारत मंडपम’ में आयोजित किया जा रहा है. राष्ट्रपति मुर्मू ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘‘नयी दिल्ली में 18वें जी20 शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे जी20 देशों के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुखों, अतिथि देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों का हार्दिक स्वागत है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत की जी20 अध्यक्षता की थीम ‘वसुधैव कुटुंबकम-एक पृथ्वी, एक कुटुंब, एक भविष्य’ टिकाऊ, समग्र तथा मानव केंद्रित विकास का वैश्विक खाका है. मैं जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे सभी भागीदारों के इस दृष्टिकोण को हकीकत में बदलने के सभी प्रयासों के सफल रहने की कामना करती हूं.’’ भारत जी20 अध्यक्षता के दौरान समावेशी विकास, डिजिटल नवाचार, जलवायु लचीलापन और वैश्विक स्वास्थ्य पहुंच जैसे विभिन्न मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.

इस समूह में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) शामिल हैं. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहां जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल ‘भारत मंडपम’ में विश्व नेताओं का शनिवार सुबह स्वागत किया. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रबंध निदेशक एवं चेयरमैन क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की महानिदेशक नगोजी ओकोंजो-इवीला आयोजन स्थल पर सबसे पहले पहुंचने वालों में शामिल थे.

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भी यहां प्रगति मैदान में नवनिर्मित सम्मेलन स्थल पर पहुंचीं. मोदी ने जिस जगह पर विश्व नेताओं का स्वागत किया उसके ठीक पीछे 13वीं शताब्दी की प्रसिद्ध कलाकृति कोणार्क चक्र की प्रतिकृति स्थापित की गयी है। इस चक्र को समय, प्रगति और निरंतर परिवर्तन का प्रतीक माना जाता है.

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