देहरादून ।आपदा प्रबंधन सचिव ने कोटद्वार मालन नदी में पुल टूटने की घटना पर शुरू हुए विवाद पर अपना पक्ष रखते हुए बताया कि उनके पास कोटद्वार मालन नदी को लेकर इसी साल 28 अप्रैल को एक प्रस्ताव आया था। प्रस्ताव तकरीबन चार करोड़ का था।आपदा प्रबंधन सचिव ने बताया कि आपदा राहत मद के तहत पुल की मरम्मत के लिए केवल 75,000 रुपए का प्रावधान है। लिहाजा उसी वक्त इस प्रस्ताव पर उनके द्वारा जवाब दे दिया गया था कि यह आपदा प्रबंधन के तहत संभव नहीं है।इसके लिए विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।आपदा प्रबंधन सचिव का कहना है कि मालन नदी का पुल टूटने का कारण आपदा प्रबंधन नहीं, बल्कि विभागीय लापरवाही है। आपदा प्रबंधन के पास राहत और रेस्क्यू की तमाम जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें वह निरंतर निभा रहा है।
उत्तराखंड शासन के इस IAS अधिकारी ने इस मामलें में रखा अपना पक्ष,जानिएं क्या कहा
