भारत के दुश्मनों को USAID ने की फंडिंग
एफआइएफ और लश्कर मुंबई पर 26/11 के आतंकी हमले में शामिल थे जिसमें पाकिस्तानी आतंकियों ने छह अमेरिकी नागरिकों समेत 166 लोगों की हत्या कर दी थी। आश्चर्य की बात यह है कि आतंकी संगठनों से जुड़ी इस्लामिक धर्मार्थ संस्था को वित्त पोषण की जांच के दायरे में आने के बावजूद यूएसएड ने उसे धन जारी करना जारी रखा।अब यूएसएड पर ट्रंप के कार्यकारी आदेश की तलवार लटक रही है, लेकिन इस कारण भारत में भी कई परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।दुनियाभर में एनजीओ को फंड करने वाली यूएसएड के लाभार्थियों में से एक एफआइएफ है।
आश्चर्यजनक यह भी है कि अमेरिकी करदाताओं के पैसे का उपयोग ऐसे संगठन को वित्त पोषित करने में किया गया, जिसे अमेरिकी सरकार ने 2010 में प्रतिबंधित कर दिया था।
हाफीज सईद के संगठन को भी मिली मदद
अमेरिका की आधे से अधिक विदेशी सहायता यूएसएड के जरिये दी जाती है, लेकिन इस एजेंसी ने एफआइएफ पर अपनी ही सरकार द्वारा लगाए गए प्रतिबंध पर आंखें मूंदे रखीं।
यएसएड द्वारा एफआइएफ को सहायता मिशिगन स्थित मुस्लिम धर्मार्थ संस्था ‘हे¨ल्पग हैंड फार रिलीफ एंड डेवलपमेंट’ (एचएचआरडी) के जरिये दी गई जिसके दक्षिण एशिया में संचालित जिहादी संगठनों के साथ संबंध रहे हैं।
