हाई कोर्ट को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
इसके प्रभाव की रिपोर्ट 27 मार्च के पूर्व हाई कोर्ट को सौंपी जाएगी। वर्ष 2015 में भी पीथमपुर के इसी संयंत्र में 10 टन जहरीला कचरा जलाकर ट्रायल रन किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कचरे को जलाने पर प्रशासनिक अफसरों ने निर्णय लिया।
तीन बार में जलाया जाएगा वेस्ट
कचरा जलाने के बाद उसमें मिट्टी निकलेगी और इसके बाद गैस क्लीनिंग सैक्शन में जाएगी। इसके बाद इस सेकेंडरी सेक्शन में ब्लू गैस का इस्तेमाल होगा, जिसकी अब क्लीनिंग प्रक्रिया होगी। इसके बाद मलटी साइक्लोन में बड़े पार्टिकल नीचे आ जाएंगे। फिर ड्राई स्क्रबर में वेट फिल्टर काम करेगा और फिर निमनी में जाएगा।
बीती रात ही हो गई तैयारी
सुप्रीम कोर्ट का दखल से इनकार
यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा धार जिले के पीथमपुर में ही जलेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कचरा जलाने पर रोक लगाने से इनकार करते हुए कहा कि वो इसमें दखल नहीं देगी। गुरुवार सुबह हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहें तो इस संबंध में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के समक्ष आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
कोर्ट ने राज्य सरकार के उस जवाब को भी रिकार्ड पर ले लिया है, जिसमें कहा है कि कचरा जलाने के दौरान सभी नियमों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
