विकासनगर। पिता की मृत्यु को 27 साल बीत जाने के बाद भी अपना व अपने परिजनों का नाम वारिसान में न चढ़ने के बाद अपनी अर्जी पटवारी पर लेकर पहुचे शिकायतकर्ता से पटवारी द्वारा 10 हज़ार रुपये रिश्वत मांगने पर सतर्कता अधिष्ठान द्वारा आरोपी पटवारी को ट्रैप करते हुए सोमवार शिकायतकर्ता से दस हज़ार रुपए रिश्वत लेने के दौरान रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार उसके पिता द्वारा वर्ष 1991 में बंशीपुर,हरबर्टपुर मे दो जमीने खरीदी गयी थी जोकि शिकायतकर्ता के नाम पर दर्ज है। उसके अनुसार उनके पिता की वर्ष 1996 में मृत्यु हो गयी थी। किन्तु उसके बाद से आज तक उक्त दोनों ही जमीनों पर शिकायतकर्ता व उसके परिजनों के नाम वारिसान में नही चढ़े। जिसके सम्बंध में उनके द्वारा लगभग एक महीने पहले अपने ऐटनबाग क्षेत्र के पटवारी ओमप्रकाश से बात की। जिस क्रम में उनके द्वारा बीती 12 अप्रैल को अपने बडे भाई के नाम से एक प्रार्थना पत्र और बताये गये कागजात पटवारी ओमप्रकाश को दिये। जिसपर पटवारी ओमप्रकाश ने उनसे दस हज़ार रुपये रिश्वत मांगी।
पटवारी द्वारा शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगे जाने के आरोपों पर सतर्कता अधिष्ठान देहरादून एसपी रेनु लोहानी द्वारा अभियुक्त पटवारी की गोपनीय जांच करवाई तो जांच टीम द्वारा आरोपो की पुष्टि की गई। जिसपर उनके द्वारा सतर्कता अधिष्ठान की एक ट्रैप टीम गठित की। उक्त ट्रैप टीम द्वारा आज सोमवार को अभियुक्त पटवारी ओमप्रकाश पुत्र स्व0 वृज लाल निवासी केदारपुरम, देहरादून के खिलाफ कार्यवाही करते हुए पटवारी को शिकायतकर्ता से दस हज़ार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। आरोपी पटवारी के विरुद्ध थाना सर्तकता अधिष्ठान, सैक्टर देहरादून में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) का अभियोग पंजीकृत किया गया है। सतर्कता निदेशक द्वारा ट्रैप टीम को नगद पुरस्कार राशि देने की घोषणा की है।
